Ad

कभी न रुकनेवाले मिल्खा सिंह के बारे में कुछ खास बातें?facts about rip milkha singh?

 जिंदगी की रेस कभी हार न मानने वाले मिल्खा सिंह जिन्हें हम फ्लाइंग सिख के नाम से भी जानते हैं उनकी 91 साल की उम्र में 18 June 2021 की देर रात को Chandigarh के PGI अस्पताल में मौत हो गई मिल्खा सिंह जी पहली बार आजाद भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाया था साथ ही उन्होंने कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए जिसे तोड़ना बहुत ही मुश्किल था। जानते हैं ऐसे महान और कभी हिम्मत ना हारने वाले व्यक्ति के बारे में कुछ तथ्य।

facts about milkha singh?

क्या आप जानते हैं फ्लाइंग सिख नाम उन्हें पाकिस्तान के तानाशाह शासक जनरल अयूब खान ने तब दिया था जब मिल्खा सिंह जी ने 1960 में उस समय के सबसे तेज एथलीट अब्दुल अली को रेस में हराया था इसी बात से चौकन्ना होकर उन्होंने मिल्खा सिंह को फ्लाइंग सिख कहा।

क्या? आप जानते हैं मिल्खा सिंह जी की पत्नी जिनकी मौत 13 जून 2021 को महोली के एक निजी अस्पताल में हुई थी वह एक भारतीय महिला वॉलीबॉल टीम की कप्तान थी वही इन दोनों की शादी 1962 में हुई थी.

Flying sikh Milkha Singh जी को 1959 में पद्म श्री सम्मान मिला था।

मिल्खा सिंह जी ने चार बार एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था वही 1958 के कॉमनवेल्थ गेम्स के चैंपियन भी रह चुके हैं

440 मीटर की दौड़ में मिल्खा सिंह जी शुरू से अंत तक आगे रहे और इस दूरी को उन्होंने मात्र 46.6 सेकंड में तय कर एक नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया और उनका यह वर्ल्ड रिकॉर्ड 52 साल तक किसी ने नहीं तोड़ा था।

मिल्खा सिंह जी सेहत से जुड़ी सिर्फ दो ही बातें कहते थे?की हर सुबह 10 मिनट कसरत करो और हल्दी भोजन का सेवन करो उन्होंने अपने एक इंटरव्यू के दौरान यह भी बताया कि जब भी उन्हें पेट दर्द या शरीर के किसी भी भाग में दर्द होता था तो वह कुछ देर जोगिंग यानी की दौड़ लिया करते थे जिससे उनकी शरीर की सभी परेशानियां दूर हो जाती थी

उन्होंने बीबीसी न्यूज़ के एक रिपोर्ट में यह भी बताया कि वह अपने 90 के उम्र में अभी तक डॉक्टर के पास नहीं गए।

कई सारे न्यूज़ चैनल की रिपोर्ट की माने तो कहा जा रहा है कि उनकी मौत को रोना के कारण हुई जब वह बीमार पड़े थे तो कुछ दिन बाद उनकी हालत सुधरने लगी थी उसके बाद उनका टेस्ट भी नेगेटिव आया था फिर अचानक से 18 जून 2021 की रात उनकी हालत बिगड़ी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया और वह इस जिंदगी की रेस में नहीं जीत पाए हालांकि उन्होंने कोशिश बहुत की थी।

भगवान उनकी आत्मा को शांति दे तथा आपसे भी हाथ जोड़कर निवेदन है कोशिश करें घर में रहने की और लोगों से दूरी बनाए रखने की और कोशिश भी करें कि आप बाहर के लोगों से मिलते वक्त या बाहर निकलते वक्त मास के जरूर पहने बिना हाथ धोए अपने चेहरे की किसी भाग को न छुएं और बिना हाथ धोए किसी भी चीज का सेवन ना करें भगवान आपको स्वस्थ और सुखी रखे


जय हिंद वंदे मातरम

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ