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World amazing facts in HINDI

World amazing facts in HINDI 

दोस्तों क्या आपको पता है कि छिपकली मोर के पंखों से क्यों डरती है या फिर आपको यह पता है कि ऐसी कौन सी बीमारी है जिसमें लोग गाय की तरह है behave करते हैं जाने ऐसे ही और रोमांचक फैक्ट हमारे factoguru.com पर

1. दोस्तों क्या आपको पता है कि आखिर छिपकली मोर के पंख से क्यों डरती है वैसे तो इसके पीछे कई कारण है लेकिन मेन कारण जो है वह है मोर के पंख से निकलने वाली स्मेल जी हां छिपकली मोर के पंख से निकलने वाली smale से डरती है और दूसरा कारण यह है की मोर जो होती है वह छिपकलियों को भी खाती है तो यह एक प्रकृति का नियम है जैसा कि शेर किसी भी जीव जंतु को खा जाती है तो हम उनसे डरते हैं उसी तरह से छिपकली भी मोर या उनके पंख से डरती है और तीसरा कारण यह है की मोर के पंख के बीच में नीले रंग का आंख जैसा कुछ बना होता है तो उससे छिपकली को यह लगता है कि वह एक आंख है तो यह भी एक कारण हो सकता है उनके डरने का ऐसे बहुत से भी कारण है जो कि इन सभी के ऊपर में एक अलग से पोस्ट भी डाल सकता हूं तो हमारे इस वेबसाइट को बुकमार्क में जरूर सेव करें

2. BOANTHROPY एक ऐसी बीमारी का नाम है जिसमें पीड़ित लोगों को यह लगता है कि वह एक गाय हैं इसे साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर भी कहते हैं जी हां दोस्तों इस दुनिया में कुछ ऐसे लोगों को अपने आप में इस तरह का एक Feel आता है कि वह एक गाय है और वह घास खा सकता है और इस तरह की Feelings जिनको भी होता है उसे BOANTHROPY बीमारी का नाम दिया गया सोचो क्या हो कि आपको घास खाने का मन करें 😁

3. दोस्तों एक और साइकोलॉजिकल से संबंधित एक और फैक्ट है और फैक्ट यह है की आपको किसी भी एक चीज के बारे में चाहे वह कोई भी चीज हो अगर उस चीज के बारे में बार-बार रिपीट वह दिखाया जाए तो वह चीजें आपको पसंद आने लगती है भले ही आप उनसे नफरत क्यों ना करते हो हम इंसान में यह साइकोलॉजी है कि हम अगर किसी भी एक चीजों को हर बार रोज देखते रहे तो हमें वह चीजें कभी ना कभी यूज़ करने का या फिर उस चीज को खरीदने का मन बन ही जाता है जैसा कि आप एक टीवी को ही देख लो या अपने मोबाइल को ही देख लो वहां पर आप कोई भी वीडियो या फिल्म देखते हो तो उसमें आपको जो ऐड दिखाए जाते हैं यानी किसी भी प्रोडक्ट या सामान के प्रचार जो दिखाए जाते हैं उसमें आपने एक ही चीज नोटिस किया होगा कि आखिर यह प्रचार करने वाले एक ही बार प्रचार दिखाकर खत्म क्यों नहीं कर देते हैं वह इसलिए दोस्तों एडवर्टाइज सक्सेस तब होती है जब आपको उसी प्रोडक्ट की ऐड हर बार देखने को मिले आपने कभी ना कभी टीवी में दिख रहे एडवर्टाइज वाले प्रोडक्ट को देखते देखते कभी ना कभी आपको भी मन किया होगा वह सामान को खरीदने का

4. दोस्तों आपने एक चीज नोटिस जरूर किया होगा कि आखिर सड़कें जी, जो हाईवे पर रहती है इसलिए बड़ी-बड़ी गाड़ियां चलती है वह सड़के काले रंग की ही क्यों होती है दोस्तों क्योंकि सरके जो बनाई जाती है वह अलकतरा से बनाई जाती है जिसे हम इंग्लिश ASPHALT के नाम से जानते हैं जी हां दोस्तों हमारी सड़को में  लगने वाले मटेरियल ASPHALT होती है  लेकिन आप सोच रहे होंगे  कि आखिर इसी मेटेरियल से क्यों  रोड तो  कंक्रीट से भी बनाई जा सकती है ना  लेकिन ऐसा नहीं है दोस्तों  एस्फाल्ट  नमक जो मेटेरियल है  इसके कई सारे फायदे हैं  पहला फायदा  यह मेटेरियल बहुत सस्ता पड़ता है  दूसरा यह है कि  इसे रीसायकल भी किया जा सकता है और तीसरा यह कि यह 60 डिग्री सेल्सियस तक का तापमान  सह सकता है  और यह ज्यादा से ज्यादा वजनी  वाहन को  अपने ऊपर सह सकता है  जहां तक की कॉंक्रीट में  इतनी खासियत नहीं होती है  इसीलिए  सड़कें  एस्फाल्ट मटेरियल से बनाई जाती है  जिसकी रंग काली होती है 

5. दोस्तों एक और मजेदार फैक्ट है और एक बहुत बड़ा झूठ भी है जो हमारे मां-बाप बड़े बुजुर्गों हमसे बचपन से ही कहते आए हैं कि चिंगम निगल जाने से वह हमारे पेट में नहीं पचता है और तो और इससे हमें भयानक तकलीफों का सामना भी करना पड़ सकता है लेकिन ऐसा नहीं है दोस्तों हमारे पेट में सिर्फ वही भोजन ज्यादा देर तक रह सकती है जिसमें ज्यादा मात्रा में न्यूट्रेशन हो लेकिन चिंगम में बहुत कम मात्रा में न्यूट्रेशन होती है जिससे कि वह बहुत जल्दी हमारे  waste box यानी हमारे potey के रास्ते से निकलने को तैयार हो जाता है और तो और जो हमारी इंटेस्टाइन पाचन क्रिया की नली होती है वह बहुत ही मुलायम और स्लाइड होती है जिसमें उस चिंगम का चिपकने का कोई सवाल ही नहीं होता लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप चिंगम को जानबूझकर  निगल जाओ

6. दोस्तों एक और झूठ आपने कई लोगों से आपने सुना होगा या कहीं वेबसाइट पर फैक्ट के रूप में पड़ा होगा कि कोई भी खाना अगर नीचे गिर जाए यानी जमीन पर गिर जाए तो उसे 5 सेकेंड के अंदर उठा लेना चाहिए नहीं तो उसने कीटाणु फैल जाते हैं जबकि यह बिल्कुल झूठ है क्योंकि क्योंकि कोई भी खाने वाली चीजें अगर नीचे गिर जाए तो वह इस चीज पर निर्भर नहीं होता कि वह कितने देर के लिए गिरी है या फिर इस चीज पर निर्भर नहीं करता कि उसमें कितना कीटानु फैलैगा बल्कि इस चीज पर निर्भर करता है कि वह चीज किस जगह पर गिरा है अगर वह साफ-सुथरे पर गिरा है तो ज्यादा चांसेस होंगे कि उसमें कीटाणु नहीं फैलने के अगर किसी गंदी जगह पर गिर गई है तो यह बात बिल्कुल मना करने वाली बात नहीं है कि उसमें कीटाणु नहीं फैले होंगे

7. दोस्तों एक यह बात भी आपने यह जरूर सुना होगा कि ज्यादा देर पानी में रहने से हमारे हाथ में फुल से जाते हैं यानी कि उसमें रिंकल्स बन जाते हैं और कई लोगों का यह कहना है हमारे शरीर की त्वचा पानी को सोख लेते हैं इस वजह से wrinkles आ जाते हैं हमारे हाथों की उंगलियों में लेकिन यह बात भी बिल्कुल गलत है दरअसल ऐसा पानी के सोख लेने से नहीं होता है बल्कि जब ज्यादा देर हम पानी में होते हैं तो हमारे दिमाग के पास एक सिग्नल आता है इसीलिए वहां पर हमारे दिमाग के द्वारा किए गए क्रिया यानी एक्शन लेने के चलते हमारे उंगलियों में रिंकल्स आ जाते हैं लेकिन ऐसा क्यों वह इसीलिए कि हमारा दिमाग हम तो जानते ही हैं कि हमारा दिमाग हमसे भी ज्यादा इंटेलिजेंट है इसीलिए रिंकल्स वहां पर बना देते हैं ताकि हमें पानी में भी ग्रिप मिल सके यानी कि किसी भी मुलायम चीज को हम पकड़ सके हमारे हाथ में पकड़ बन सके इस वजह से हमारे दिमाग को एक सिग्नल जाता है और हमारे हाथ में वह रिंकल्स हो जाते हैं नहीं तो दोस्तों जो लोग अपाहिज हैं उनके पैर या हाथ में भी रिंकल्स आ जाने चाहिए पानी में ज्यादा देर रहने की वजह से अब आपको तो पता ही होगा कि जो लोग अपाहिज होते हैं अगर उनके हाथ अपाहिज हैं तो उसके हाथ के सिग्नल उनके दिमाग वो तक नहीं जा पाती इसीलिए अगर हमारी त्वचा पानी को सोख लेती तो अपाहिज के हाथ में भी रिंकल्स आ जाने चाहिए थे अगर आपके आस पड़ोस में कोई है तो आप उस पर यह एक्सपेरिमेंट कर सकते हो हम दावा करते हैं कि हमारे इस वेबसाइट पर बताए गए information गलत ज्यादातर नहीं होते हैं

8. दोस्तों आप लोग टाइटेनिक जहाज के बारे में तो जानते ही होंगे यह जहाज अपने time का दुनिया का सबसे बड़ा जहाज था जो पानी पर तैर सकता था लेकिन क्या आपको इसके बारे में एक फैक्ट पता है की जब टाइटेनिक जहाज बना था तो उस समय उसे बनाने में 7.6 मिलीयन डॉलर लगा था अगर उस समय के पैसे को आज के दिन में कंपैरिजन किया जाए तो वह 160 मिलियन डॉलर होता है लेकिन कमाल की बात यह है की टाइटेनिक जहाज पर 1997 में फिल्म बनी टाइटेनिक मूवी को बनाने में 200 मिलियन डॉलर खर्च आया था यानी कि आप सोच सकते हो की जितना खर्चा टाइटैनिक जहाज को बनाने में आया उससे कई ज्यादा खर्च उसकी फिल्म को बनाने में खर्च हो गई

दोस्तों जैसा कि आप लोग सोच रहे होंगे कि मैं अपने फैक्ट्स को जानबूझकर लंबा या फिर छोटी सी फैक्ट को बड़ा बनाकर आप लोगों के सामने पेश करता हूं लेकिन ऐसा नहीं है दोस्तों अगर आप किसी फैक्ट्स के पीछे पूरी सच्चाई को अगर नहीं जानते हैं तो उस फैक्ट्स के बारे में ना जानना ही बेहतर है क्योंकि दोस्तों जैसा कि मैंने एक फैक्ट्स लिखा की अंतरिक्ष का तापमान-270.42 °C इतना होता है तो आपने यह जान लिया वहीं अगर आप कल को अपने दोस्त को यह चीज बताते हो और कोई दोस्त या पूछ लिया कि आखिर इसके पीछे कितनी सच्चाई है या फिर इतना टेंपरेचर अंतरिक्ष का कैसे हैं तो आप वहां क्या करोगे इसीलिए दोस्तों अगर आप किसी भी बातों के पीछे की सच्चाई को जान जाते हो तो आप उसके बारे मैं पूरी तरह से फैक्टीफाईड हो जाते हो ताकि आप ना समझने वाले बंदे को भी अपनी बातें समझा सको उम्मीद है कि आपको हमारे द्वारा बताये गये यह फैक्ट्स और उनके पीछे पूरी सच्चाई पसंद आई हो अगर आप ऐसे ही नॉलेज से भरे पोस्ट हर रोज चाहते हो तो हमारे इस वेबसाइट को अपनी बुकमार्क में या फिर अपने फेवरेट में जरूर ऐड करे factoguru.com की तरफ से  आप लोगों को हमारे फैक्ट  पढ़ने के लिए  बहुत  बहुत धन्यवाद

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